इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो और तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें विजयादशमी की पूजा वाले दिन हमारे प्रधानसेवक मोदी जी को टिश्यू पेपर को अपने जेब में रखते हुए दिखाया जा रहा है। मोदी भक्त इसे उनकी महानता का प्रतीक बताकर सोशल मीडिया पर खूब साझा कर रहे हैं। सही भी है करना भी चाहिए; महानता भी है जो स्वच्छता का इतना ख्याल रखा गया लेकिन इसी कार्यक्रम इन्हीं प्रधानसेवक ने जूते पहनकर जब राम-लक्ष्मण व हनुमान बने पात्रों की पूजा व आरती की उसे क्या कहिएगा? केवल प्रधानसेवक मोदी ने ही नहीं अपितु राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति, पूर्व प्रधानमन्त्री डा. मनमोहन सहित सभी अतिथियों ने जूते पहनकर ही राम-लक्ष्मण व हनुमान बने पात्रों की पूजा अर्चना की थी। मेरा इस बात को इस मंच पर रखने का आशय बस इतना ही है भक्ति अपनी जगह ठीक है लेकिन अन्धभक्ति नहीं होनी चाहिए, जो इन दिनों कुछ लोग प्रधानसेवक की करने में लगे हुए हैं।
-ज्योतिर्विद पं. हेमन्त रिछारिया

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