गुरुवार, 14 दिसंबर 2017

मुख्यमंत्री की यात्राएँ

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान जिन्हें प्रदेशवासी प्यार से ’मामा’ कहते हैं, उनका चुनावी तैयारी का अँदाज़ ही निराला है। वे चुनावी यात्रा निकालने में बड़े माहिर है और मजे की बात यह कि वे इस प्रकार की यात्राएँ धर्म के नाम पर करते हैं। पहले "नर्मदा सेवायात्रा" और अब "एकात्म यात्रा"। इन यात्राओं का उद्देश्य वैसे तो धार्मिक बताया जाता है लेकिन असल में ये होतीं चुनावी यात्राएँ ही हैं। इन यात्राओं के प्रचार-प्रसार में करोड़ों रूपए खर्च कर दिए जाते हैं केवल यह जानने के लिए कि हवा का रुख़ किस तरफ़ है। ’मामा’ आप निश्चिंत रहिए जब तक मध्यप्रदेश में किसी ’मौसा’ (सशक्त विपक्ष) का आगमन नहीं होता तब तक आप मज़े से "मेरी मर्ज़ी...." वाली तर्ज पर राज कीजिए। क्योंकि आपको सत्ता के सिंहासन उतारने के लिए मुद्दों की नहीं एक ’मौसा’ की अर्थात् सशक्त विपक्षी नेतृत्व की आवश्यकता है। मुद्दे तो वैसे ही प्रदेश में भरे पड़े हैं। आपसे रेत का अवैध उत्खनन रुक नहीं रहा, कोई नया उद्योग लग नहीं रहा, मेट्रो प्रोजेक्ट लगाने वाली कम्पनी ’ज़ायका’ ने अपने ऋण की सुरक्षा ना पाकर इस प्रोजेक्ट से अपने पैर वापस खींच लिए। किसानों में नाराजगी व्याप्त है, भले किसानों पर गोली चलवा कर आप आँदोलन को दबाने में सफ़ल हो गए हों। टीकाकरण में हमारा प्रदेश बहुत पीछे है। महिलाओं के साथ हुए अपराध में मध्यप्रदेश अव्वल है। सरप्लस बिजली उत्पादन के बावजूद हमारा प्रदेश सबसे महँगी बिजली दर वाले प्रदेशों से में से एक है। ये तो सिर्फ़ बानगी है ऐसे कई मुद्दे हैं जो आपके माथे पर बल डालने के लिए पर्याप्त हैं लेकिन जनता विवश है उसके पास ’मामा’ के रुप में आप तो हैं लेकिन विकल्प के रूप में कोई ’मौसा’ नहीं हैं अर्थात् शक्तिशाली विपक्ष। मेरे देखे विवशता और विकल्प के अभाव में होने वाली विजयश्री खोखली व हल्की होती है। जब इसी आधार पर विजयश्री की निरन्तर पुनरावृत्ति होती है तब एक दिन क्रान्ति होती है और लोकतन्त्र में स्वर गूँजता है "सिंहासन खाली करो कि जनता आती है..."। इससे पहले कि ये स्वर हमारे प्रदेश में गुँजायमान हो, आत्ममँथन कीजिए और अपनी कमियों में सुधार कर प्रदेश के वास्तविक विकास में सँलग्न हो जाईए। जिस दिन आप विकास के आधार पर विजयश्री प्राप्त करेंगे उसी दिन आप सही मायनों में सफ़ल माने जाएँगे।

-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया

कोई टिप्पणी नहीं: