सामाजिक,सांस्कृतिक व राष्ट्रवादी धरोहरों की सजग प्रहरी ई-पत्रिका/
सम्पादक- हेमन्त रिछारिया
मंगलवार, 1 अक्टूबर 2013
“गांधीजी के बंदर”
चार बंदर आपस में बात कर रहे थे। एक बोला-"गांधी बापू ने कहा है बुरा मत देखो", दूसरा बोला-"बुरा मत सुनो", तीसरे ने कहा-बुरा मत कहो", तभी चौथे ने कहा- "यारों, लेकिन बुरा करने से मना थोड़े किया है।" चारों बंदर खिलखिला के हँस पड़े।”
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