
मां सुनाओ मुझे वो कहानी
जिसमें राजा ना हो ना हो रानी
जो हमारी तुम्हारी कथा हो
जो सभी के ह्रदय की व्यथा हो
गंध जिसमें भरी हो धरा की
बात जिसमें ना हो अप्सरा की
हो ना परियां जहां आसमानी
वो कहानी जो हंसना सिखा दे
पेट की भूख जो भुला दे
जिसमें सच की भरी चांदनी हो
जिसमें उम्मीद की रोशनी हो
जिसमें ना हो कहानी पुरानी
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शायर-नन्दलाल पाठक
स्वर-सिज़ा राय
संगीत-जगजीत सिंह
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