शुक्रवार, 15 दिसंबर 2017

क्या कहते हैं राहुल गाँधी के सितारे


18 दिसम्बर को गुजरात व हिमाचल प्रदेश के चुनावी परिणाम आने वाले हैं। इन परिणामों का असर इन चुनावों में भाग लेने वाले प्रत्याशियों व दलों के अतिरिक्त एक और खास व्यक्ति पर पड़ेगा वह है काँग्रेस के नव-नियुक्त अध्यक्ष राहुल गाँधी। आईए ज्योतिष की दृष्टि से जानने का प्रयास करते हैं कि आने वाला समय राहुल गाँधी के लिए कैसा रहेगा। राहुल गाँधी की कुण्डली मकर लग्न की है जिसके अधिपति शनि हैं। शनि सत्ता का कारक होता है। राहुल गाँधी की जन्मपत्रिका शनि लग्नेश होने के कारण अति-महत्त्वपूर्ण ग्रह है। राहुल गाँधी की राशि वृश्चिक है जिसके अधिपति मँगल हैं। राहुल गाँधी की जन्मपत्रिका में शनि केन्द्र में नीचराशिस्थ होकर विराजमान है जिसके परिणामस्वरूप उन्हें अपने जीवन में अतिशय सँघर्ष व परिश्रम के बाद भी अपेक्षित सफ़लता प्राप्त नहीं होती है। यहाँ शनि की उच्च दृष्टि कर्मक्षेत्र पर है जो कि शुभ है। इस योग के कारण राहुल गाँधी अधीनस्थ के स्थान पर नेतृत्व में सफ़ल होते नज़र आ रहे हैं। राहुल गाँधी की कुण्डली कर्मक्षेत्र का कारक शुक्र शत्रुक्षेत्री है। इसके परिणामस्वरूप उन्हें सत्ता प्राप्ति में अवरोध व विलम्ब होगा। अथक परिश्रम के बाद भी वे अपेक्षित सफ़लता से दूर रहेंगे वहीं सप्तम स्थान में अकेला शुक्र व नीचराशिस्थ सप्तमेश उन्हें दाम्पत्य सुख से वँचित कर रहा है। चतुर्थेश मँगल छठे भावगत होने के कारण उन्हें जनमानस में लोकप्रियता से वँचित कर रहा है। दिवीय स्थान में राहु उन्हें पारिवारिक सुख प्राप्त करने एवं श्रेष्ठ वक्ता बनने में बाधक है। सप्तमेश के नीचराशिगत होने के कारण उन्हें साझेदारी एवं गठबन्धन से लाभ नहीं होगा। वर्तमान में राहुल गाँधी चन्द्र की महादशा व लग्नेश की अन्तर्दशा के प्रभाव में हैं। इसके अतिरिक्त वे शनि की साढ़ेसाती के अन्तिम चरण को भोग रहे हैं शनि लग्नेश होने के कारण शुभ हैं। जुलाई 2017 से राहुल गाँधी लग्नेश शनि की अन्तर्दशा के प्रभाव में है यह दशा उनके लिए शुभ है जिसके चलते वे संगठन के उच्चतम पद पर आसीन हुए हैं। भले ही हाल के चुनावों में वे सत्ता से दूर रहेंगे किन्तु आने वाले दो वर्षों में उनका राजनीतिक भविष्य एक सकारात्मक मोड़ लेता प्रतीत हो रहा है। आने वाले दिनों में उनके नेतृत्व में काँग्रेस अपनी खोई प्रतिष्ठा प्राप्त करने की ओर अग्रसर होती नज़र आ रही है लेकिन सत्ता प्राप्ति के लिए उन्हें अभी लम्बा सँघर्ष एवं प्रतीक्षा करनी पड़ेगी।

-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केन्द्र
भारत

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