रविवार, 13 अगस्त 2017

आजादी का सच

क्या आप जानते हैं भारत को स्वतन्त्रता कब प्राप्त हुई? आप कहेंगे- "हाँ", 15 अगस्त 1947 को। यदि मैं कहूँ कि आपका जवाब गलत है, तो आप चौंक जाएँगे। लेकिन इतिहास बताता है भारत की आजादी का शँखनाद 30 दिसम्बर सन 1943 को अण्डमान-निकोबार से हो गया था। 30 दिसम्बर सन 1943 के ही दिन नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने अण्डमान-निकोबार द्वीप समूह के पोर्ट ब्लेयर के जिमखाना मैदान में सर्वप्रथम आजादी की घोषणा करते हुए तिरंगा फ़हराया था। यह भारत की आज़ादी का शँखनाद था। विडम्बना है कि काँग्रेसी शासन ने विद्वेषता के चलते इस अति-महत्त्वपूर्ण तथ्य को नज़रअंदाज़ किया।
विश्व  ज्ञानकोश भी इस बात की पुष्टि करता है-
"21 अक्टूबर 1943 को सुभाष बोस ने आजाद हिन्द फौज के सर्वोच्च सेनापति की हैसियत से स्वतन्त्र भारत की अस्थायी सरकार बनायी जिसे जर्मनी, जापान, फिलीपींस, कोरिया, चीन, इटली, मान्चुको और आयरलैंड ने मान्यता दी। जापान ने अंडमान व निकोबार द्वीप इस अस्थायी सरकार को दे दिये। सुभाष उन द्वीपों में गये और उनका नया नामकरण किया। 1944 को आजाद हिन्द फौज ने अंग्रेजों पर दोबारा आक्रमण किया और कुछ भारतीय प्रदेशों को अंग्रेजों से मुक्त भी करा लिया।"

-(साभार: विश्व ज्ञानकोश)

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