शुक्रवार, 4 अगस्त 2017

पाकिस्तान या चीनिस्तान...!



जानिए कहाँ-कहाँ से गुजरेगा "चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा" (CPEC)-
1. रशकई इकोनामिक जोन, एम-1, नौशेरा, खैबर पख़्तूनख्वा
2. चाइना सेज, ढाबेजी, सिन्ध
3. पँजाब-चाइना इकोनामिक जोन, एम-2, शेखपुरा, पँजाब (पाक)
4. भिंबर औद्योगिक परिक्षेत्र, पीओके
5. मोहम्मद मार्बल सिटी, खैबर पख़्तूनख्वा
6. मोक्पोंदास सेज, गिलगित-बल्तिस्तान, पीओके

चीन की पाकिस्तान में प्राथमिक उर्जा परियोजनाएँ -
1. कराची के पोर्ट कासिम में 660 मेगावाट के दो कोयला चालित पावर प्लाँट2. खैबर पख़्तूनख्वा के नारन में 870 मेगावाट का सुकी किनारी पनबिजली केन्द्र
3. पँजाब के साहीवाल में 660 मेगावाट के 2 कोयला चालित पावर प्लाँट
4. सिंध के थार में 330 मेगावाट के 4 कोयला चालित पावर प्लाँट
5. बलूचिस्तान के हब में 1320 मेगावाट का कोयला चालित पावर प्लाँट
6. ग्वादर में 300 मेगावाट की आयातित कोयला आधारित उर्जा परियोजना
7. बहावलपुर में 1000 मेगावाट का कायदे-आज़म सौर पार्क
8. पीओके के करोट में 750 मेगावाट का पनबिजली केन्द्र
9. पीओके में 1,100 मेगावाट की कोहाला पनबिजली परियोजना

चीन-पाकिस्तान के मध्य व्यापार-
- 2015-16 में बढ़कर 13.77 अरब डालर पर पहुँच गया है जो वर्ष 2007 में 4 अरब डालर था।- मास्टर प्लान के अनुसार पाकिस्तान की करीब 65,000 एकड़ भूमि चीन को पट्टे में दी जाएगी जिस पर वह   कृषि परियोजनाओं का सँचालन करेगा। ऐसी 17 परियोजनाएँ सूचीबद्ध हैं।

-(इण्डिया टुडे से साभार)

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