शनिवार, 13 अगस्त 2016

लार्ड मैकाले का पत्र

भारत में शिक्षा नीति के जनक कहे जाने वाले लार्ड मैकाले ने सन १८३६ में अपने पिता को एक पत्र लिखा था जिसमें उसने कहा था-
"अंग्रेजी शिक्षा ग्रहण करने वाला कोई हिन्दू अपने धर्म प्रति सच्ची निष्ठा नहीं रख सकता। यदि हमारी शिक्षा-पद्धति को अपनाया गया तो ३० वर्ष बाद बंगाल में एक भी मूर्तिपूजक नहीं रह जाएगा और यह सब धर्मांतरण के पचड़े में पड़े बिना ही हो जाएगा। लोगों का एक ऐसा वर्ग तैयार हो जो देखने में तो भारतीय हो, लेकिन रुचि, विचार, मन और बुद्धि से अंग्रेज हो।"
(....और देश बंट गया से साभार)

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