शनिवार, 19 अप्रैल 2014

मीडिया का दोहरा मापदंड

आज शाम एक राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल पर मनसे प्रमुख राज ठाकरे का साक्षात्कार देख रहा था। जिसमें मनसे प्रमुख ने  साक्षात्कार लेने वाले चैनल के एडिटर-इन-चीफ़ का कई बार अपमान किया। उनके इस बर्ताव पर हर बार संपादक महोदय सिटपिटा कर रह गए। हद तो तब हो गई जब एक सवाल का जवाब देने से पूर्व राज ठाकरे ने खुले तौर पर कहा कि-“आप भौंक चुके”, इस पर भी संपादक महोदय निर्लज्जता से शांत रह गए। इस घटना की ना तो उस चैनल ने और ना ही किसी अन्य मीडिया समूह ने निंदा की। ना ही मनसे प्रमुख के संपादक के साथ किए इस दुर्रव्यवहार की खबरें चलाईं। वहीं कुछ दिनों पूर्व नरेन्द्र मोदी द्वारा अंग्रेजी अखबार को दिये गए साक्षात्कार के दौरान तथाकथित "पपी" (कुत्ते) वाले मुहावरे को लेकर मीडिया में खूब खबरें चलीं। उनके इस बयान की कड़ी निंदा की गई जबकि उस साक्षात्कार को लेने वाले पत्रकार ने स्वयं ये ट्वीट करके सफाई दी थी कि मोदी के बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा जबकि उन्होंने वह बयान मुहावरे के तौर पर दिया था। मीडिया के इस दोहरे मापदंड के पीछे क्या राज़ है? ज़रा सोचिए....!

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