शुक्रवार, 3 मई 2013

राष्ट्रीय सम्मान का बनता मज़ाक-

पंजाब सरकार ने आज विधानसभा में एक प्रस्ताव पास करके सरबजीत सिह को "शहीद" का दर्ज़ा प्रदान कर दिया। सियासतदानों ने जहां इस प्रकार का प्रस्ताव पारित करके अपनी नाकामियों को छुपाने का प्रयास किया वहीं दूसरी "शहीद" शब्द की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई है। सरबजीत के साथ जो हुआ वह निश्चय ही बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है परन्तु इस का यह अर्थ कतई नहीं है कि हम सरबजीत की तुलना देश के लिये अपनी जान दांव पर लगा देने वाले हमारे जवानो और शहीदों से करें। मानवीय संवेदनाएं अपनी जगह है परन्तु भावनाओं का इस प्रकार अतिश्योक्तिपूर्ण अनुचित प्राकट्य सर्वथा एक गलत परंपरा की शुरूआत है।
अभी कुछ महीनों पहले १६ दिसंबर की शिकार युवती को भी राजकीय सम्मान देने की वकालत एक राजनेता द्वारा की गई थी। आखिर हम इस प्रकार की पहल करके साबित क्या करना चाहते हैं? यदि हम अपने नागरिकों की जान और इज़्ज़त की सुरक्षा नहीं कर पाते तो उन्हें इस प्रकार के मरहमों से सहलाकर या उपक्रत कर और उन्हें सरकारी अहसानों तले दबा कर उन्हें खामोशी का दामन ओढ़ने का मूक इशारा करते हैं। अपनी इस ओछी मानसिकता और राजनीति में हम ये भूल जाते हैं कि इससे इन शब्दों और सम्मानों के वास्तविक हकदारों के सम्मान को ठेस पहुंचती हैं। भावनाओं में बहकर परिजनों का इस प्रकार की मांग करना अलग बात है परन्तु सरकार को इस प्रकार की मांग स्वीकार करने से पहले हर पहलू पर विचार करना चाहिए। इस प्रकार के लोकप्रियता हासिल करने वाले हथकंडे अपनाने से बेहतर है कि हम अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए ठोस और कारगर नीति बनाएं। अभी कुछ दिनों पहले शहीद हेमराज का सिर काटकर ले जाने घटना के पश्चात जब पाकिस्तान के हुक्मरान भारत आए तो भारत के विदेश मंत्री उनका स्वागत सत्कार करने जा पहुंचे अच्छा होता विदेश मंत्री अजमेर शरीफ के काज़ी की भांति उनसे इनकार कर नापाक मुल्क को कड़ा संदेश देते। अपने नागरिकों पर हुए हमले का जिस प्रकार बदला अमेरिका ने लिया है वह सही मायने में हमले में हताहत हुए नागरिकों को सच्ची श्रद्धांजली है। सरकार अगर अपने नागरिकों को सही अर्थों में श्रद्धांजली देना चाहती हैं तो उनकी जान और इज़्ज़त के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख़्त से सख़्त कार्रवाई करे ना कि अपने विरूद्ध उपजे आक्रोश को शांत करने के लिए इस प्रकार राष्ट्रीय सम्मानों व सम्मान सूचक शब्दों का अवमूल्यन कर एक गलत परम्परा की शुरूआत करे।

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