सोमवार, 15 अप्रैल 2013

चूक गए चौहान

 म.प्र. के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी बेदाग छवि के लिए भले ही जाने जाते हों परन्तु भोपाल की रोहित नगर सोसायटी घोटले ने उनकी छवि पर दाग ज़रूर लगाया है। अपने मंत्रियों और नौकरशाहों पर लगाम ना लगा पाने के कारण समय-समय पर उनकी आलोचना होती रही है। पूर्व में भी डंपर कांड को लेकर वो विपक्ष के निशाने पर थे। इस पूरे मामले में भी उनकी छवि धूमिल हुई थी। हाल ही में खोजी पत्रिका "तहलका" ने अपने ताज़ा अंक में भोपाल की रोहित नगर सोसायटी के घोटाले से संबंधित तथ्यों का उल्लेख किया है वे निश्चित ही चौंकाने वाले हैं। इसमें सीधे तौर पर भले ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह  चौहान पर आरोप ना लगाया गया हो परन्तु विपक्ष और मीडिया ने उन्हें संदेह व सवालों के घेरे में अवश्य ही खड़ा कर दिया है। सबसे चौकाने वाली बात है कि शिवराज सिंह की ओर से इस मामले को लेकर अब तक कोई भी स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। मध्यप्रदेश में कुछ ही महीनों बाद चुनाव होने वाले हैं यदि मुख्यमंत्री का यही रवैया रहा तो हो सकता है कि पांव-पांव वाले भैया के लिए तीसरी बार सत्ता की दौड़ कांटो भरी होगी।

(रोहित नगर सोसायटी घोटाले के बारे में विस्तार से जानने के लिए "तहलका" पत्रिका का १५ अप्रैल २०१३ का अंक देखें या नीचे दिये गए लिंक पर क्लिक करें।)

http://www.tehelkahindi.com/indinoo/national/1727.html

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