शुक्रवार, 8 जनवरी 2010

मेरे सपनों का भारत





" हमें चाहिए एक शक्ति-संपन्न संघराज्य, जहां किसानों और मजदूरों की हिमायत करने वाली जागरूक सरकार हो।
रूस की तरह पंचवार्षिक नियोजन हो, देश में आधारभूत उद्योगों और औद्योगीकरण की बुनियाद डाली जाय, ग्रामोद्योगों को भी
प्रोत्साहन मिले, जनसंख्या व्रद्धि पर समयोचित अंकुश लगाया जाय, जात-पात का भेदभाव समाप्त हो, विभिन्न भाषा-भाषियों में अपनत्व बढ़े। अपनी ही माटी की गंध से रचा-बना हम एक ऐसा नया साम्यवाद ले आएं जो प्राचीन काल की ही भांति आधुनिक काल में भी विश्व का नेत्रत्व करे।"

-नेताजी सुभाषचंद्र बोस
(महानायक, प्र.क्र.२२७)

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